1.
जो मज़बूरी ने इश्क़ के दरिया में पॉव रखा दिया
गज़ब हुआ हवा ने फिर चराग़े कुश्त: जला दिया
2.
ज़माना जिसे कल देखता था ब-नज़र-ए-हिक़ारत
आज उसने सबको मोहब्बत से जीना सिखा दिया
जो मज़बूरी ने इश्क़ के दरिया में पॉव रखा दिया
गज़ब हुआ हवा ने फिर चराग़े कुश्त: जला दिया
2.
ज़माना जिसे कल देखता था ब-नज़र-ए-हिक़ारत
आज उसने सबको मोहब्बत से जीना सिखा दिया
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