Tuesday, 2 February 2016

दिल का मामला यहाँ मंदा है

मेरे ख्यालों में अब भी वो सख़्श ज़िंदा है
हँसता मुस्कुराता खड़ा देखो वो परिंदा है

मुझे तो वो सख़्श बड़ा सलीकेवाला लगा
जिसे ज़माना थूकता औ" कहता वो रिंदा है

जब से भागा हूँ मैं ज़िंदगी से नज़रें चुराकर
अब हर जगह दिख रहा बस एक ही फंदा है

रात मिलन की थी सितारों ने गुस्ताख़ी कर दी
चौदवीं के रात में सर झुकाये खड़ा अब चंदा है

मोहब्बत अब जिस्मफरोशी पर उतर आई है
दिल का मामला तो "धरम" अब यहाँ मंदा है

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