1.
हक़ीक़त में भी मेरी ज़िंदगी में 'धरम' तुम तुम न थे मैं मैं न था
औ" बाद मरने के भी मेरी कब्र में तुम न थे तेरी कब्र में मैं न था
2.
कि अभी तो मैंने बात रखी थी अभी ही उसने टाल दी
मेरे पैदा होने से पहले ही 'धरम' उसने गर्दन हलाल दी
3.
खुद तेरी ही महफ़िल में "धरम" तेरे नाम का कोई जाम भी नहीं
ये तेरी ज़िंदगी में कैसा मुक़ाम है कि अब तुम बदनाम भी नहीं
4.
कि तुमको आवाज़ दूँ तो दिल दुखता है न दूँ तो जी घबराता है
देखूँ जो गैरों से बात करते "धरम" तो पूरा बदन जल जाता है
5.
हरेक दिलाशा महज़ एक भरम है हर जोड़ से टूटता करम है
बात तो सब के डूबने की थी पर क्यूँ डूबता सिर्फ "धरम" है
6.
कि दिल से दिल मिलाकर भी जब उसने वफ़ाई छोड़ दी
नज़र से नज़र मिलाकर "धरम" हमने भी बात मोड़ दी
हक़ीक़त में भी मेरी ज़िंदगी में 'धरम' तुम तुम न थे मैं मैं न था
औ" बाद मरने के भी मेरी कब्र में तुम न थे तेरी कब्र में मैं न था
2.
कि अभी तो मैंने बात रखी थी अभी ही उसने टाल दी
मेरे पैदा होने से पहले ही 'धरम' उसने गर्दन हलाल दी
3.
खुद तेरी ही महफ़िल में "धरम" तेरे नाम का कोई जाम भी नहीं
ये तेरी ज़िंदगी में कैसा मुक़ाम है कि अब तुम बदनाम भी नहीं
4.
कि तुमको आवाज़ दूँ तो दिल दुखता है न दूँ तो जी घबराता है
देखूँ जो गैरों से बात करते "धरम" तो पूरा बदन जल जाता है
5.
हरेक दिलाशा महज़ एक भरम है हर जोड़ से टूटता करम है
बात तो सब के डूबने की थी पर क्यूँ डूबता सिर्फ "धरम" है
6.
कि दिल से दिल मिलाकर भी जब उसने वफ़ाई छोड़ दी
नज़र से नज़र मिलाकर "धरम" हमने भी बात मोड़ दी
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