1.
मेरे टूटे दिल की तस्वीर बनाकर दीवार पर लटका दिया
तुमने अपने बज़्म में मुझे मौत के बाद भी रुस्वा किया
2.
"धरम" आ की मेरे पास अब सिर्फ अन्तिम सांस बाकी है
सारे ज़ख्म मर चुके हैं अब न कोई दूसरी आश बाकी है
3.
हुस्न क्यों आज घबराकर "धरम" इश्क़ की पनाह मांग रहा है
जो कभी सब का प्यारा था वो अब सिर्फ एक निगाह मांग रहा है
4.
एक तो ये बेरंग जवानी और उसपर कितनी याद पुरानी
चुभते हैं तीर ही दिल में जब याद आए वो रुत मस्तानी
5.
जब भी ज़िक्र-ए-इश्क़ होता है दिल उदास होता है
मोहब्बत का एक-एक ज़ख्म दिल के पास होता है
मेरे टूटे दिल की तस्वीर बनाकर दीवार पर लटका दिया
तुमने अपने बज़्म में मुझे मौत के बाद भी रुस्वा किया
2.
"धरम" आ की मेरे पास अब सिर्फ अन्तिम सांस बाकी है
सारे ज़ख्म मर चुके हैं अब न कोई दूसरी आश बाकी है
3.
हुस्न क्यों आज घबराकर "धरम" इश्क़ की पनाह मांग रहा है
जो कभी सब का प्यारा था वो अब सिर्फ एक निगाह मांग रहा है
4.
एक तो ये बेरंग जवानी और उसपर कितनी याद पुरानी
चुभते हैं तीर ही दिल में जब याद आए वो रुत मस्तानी
5.
जब भी ज़िक्र-ए-इश्क़ होता है दिल उदास होता है
मोहब्बत का एक-एक ज़ख्म दिल के पास होता है
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