Monday, 6 August 2018

अपने वज़ूद को बस तरशता रहा

कि हवा के रुख हुआ 'धरम' तो हवा उड़ा गई मुझे
औ" ग़र न हुआ हवा के रुख तो हवा तोड़ गई मुझे
मैं तो हर हाल में अपने वज़ूद को बस तरशता रहा 

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