बीच से किनारा
औ" फिर किनारे से बीच का फलसफा
जब निकला इससे
हासिल हुआ रेगिस्तां औ" जलजला
धूप और छाँह
दोनों के वज़ूद को अलग-अलग तराशते
मानो जड़ और चेतन के बीच
ख़ुद को तलाशने का सिलसिला
अपने हिस्से का आसमाँ मिलने के बाद
ज़मीं की खोज में भटकता
कई बार उजड़े हुए गुलसन के गिर्द खो जाता
पर नहीं पाता कभी मरहला
औ" फिर किनारे से बीच का फलसफा
जब निकला इससे
हासिल हुआ रेगिस्तां औ" जलजला
धूप और छाँह
दोनों के वज़ूद को अलग-अलग तराशते
मानो जड़ और चेतन के बीच
ख़ुद को तलाशने का सिलसिला
अपने हिस्से का आसमाँ मिलने के बाद
ज़मीं की खोज में भटकता
कई बार उजड़े हुए गुलसन के गिर्द खो जाता
पर नहीं पाता कभी मरहला
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