चेहरे पर उदासी औ" दिल में दर्द होता है
जो पास तेरे जाता हूँ तो सिर्फ़ मर्ज़ होता है
जो पास तेरे जाता हूँ तो सिर्फ़ मर्ज़ होता है
पहले राख बनाता है औ" फिर उड़ा देता है
कि उसके इश्क़ में ऐसा भी एक फ़र्ज़ होता है
कि उसके इश्क़ में ऐसा भी एक फ़र्ज़ होता है
इन्सां को बुत बनाता है ख़िताब डाल देता है
ऐसा इश्क़ परदे में रहता है ख़ुद-ग़र्ज़ होता है
ऐसा इश्क़ परदे में रहता है ख़ुद-ग़र्ज़ होता है
एक ही बात चलती है एक ही फ़साना होता है
उसकी ज़ुबाँ से कहाँ और कुछ अर्ज़ होता है
उसकी ज़ुबाँ से कहाँ और कुछ अर्ज़ होता है
वक़्त गुजरता तो है मगर हर लम्हा एक सा है
न कुछ पुराना होता है न कुछ तह-दर्ज़ होता है
न कुछ पुराना होता है न कुछ तह-दर्ज़ होता है
'धरम' झुककर चला औ" संग सीने पर खाया
कि ऐसा हुनर तो एक नुमाइश-ए-बर्ज़ होता है
कि ऐसा हुनर तो एक नुमाइश-ए-बर्ज़ होता है
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मर्ज़ - बीमारी
तह-दर्ज़ - पूर्णतः नया
बर्ज़ - सुन्दरता
तह-दर्ज़ - पूर्णतः नया
बर्ज़ - सुन्दरता
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