मुझे उसके जाने का डर लगा रहता है
ख्वाब में भी उसके पर लगा रहता है
वो मुस्कुराये फिर भी न जाने क्यूँ
मुझे अनजाना सा डर लगा रहता है
बातें उसकी मेरे समझ में नहीं आती
इश्क में भी गुरुर-ए-हुस्न नजर आता है
रिश्ता-ए-पाक-ए-मोहब्बत में भी "धरम"
मुझे तो अब डूबने का डर लगा रहता है
ख्वाब में भी उसके पर लगा रहता है
वो मुस्कुराये फिर भी न जाने क्यूँ
मुझे अनजाना सा डर लगा रहता है
बातें उसकी मेरे समझ में नहीं आती
इश्क में भी गुरुर-ए-हुस्न नजर आता है
रिश्ता-ए-पाक-ए-मोहब्बत में भी "धरम"
मुझे तो अब डूबने का डर लगा रहता है
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