Friday, 2 June 2017

श्रम करो कठिन

परीक्षा परिणाम गड़बड़ाया तो लगे अब चिल्लाने
कि खुद अपनी ही करनी पर अब लगे छात्र भरमाने

कि अब लगे छात्र भरमाने की गलती है यह किसकी
हंगामा करें जहाँ तहाँ और सर फोड़े जिसका तिसका

फोड़ के सर जिसका तिसका से अब नहीं बनेगी बात
ग़र सुधरना है तो खुद से मारो अपने सीने पर लात

मारे अपने सीने पर लात तो दिखेगी खुद की गलती
कि कठिन समय में कभी मत मढ़ो दूसरों पर गलती

मत मढ़ो दूसरों पर गलती तब ही बन पाओगे पक्का
अहो! नहीं तो रह जाओगे बाबू तुम जीवन भर कच्चा

जीवन भर रहना है कच्चा या छूना है तुमको आसमान
कि चाहिए तुमको हाथ में लाठी या उत्थान हेतु सामान

उत्थान हेतु पकड़ो तुम दोनों हाथ से विद्वानों के पैर
और गहो चरण उनकी नहीं तो अब न रहेगी तेरी खैर

न रहेगी खैर कि सरकार बस वहां अलापेगी अपनी राग
इस राक्षश पेट के खातिर वतन से पड़ना सकता है भाग

पड़ना सकता है भाग यदि तुम नहीं बने मंत्री का भड़वा
सत्य यही है बाबू चाहे लगे तुमको यह कितना भी कड़वा 

हाँ कड़वा है यह भी सत्य कि शिक्षकों के गुणवत्ता के नाम
बहाल हुए है कई नर-पिशाच सरकार से पाते भी हैं ईनाम

कि पाते भी हैं ईनाम मगर तुम उन पर अपना मत दो ध्यान
खोजो निज भविष्य तो मिलेंगे गुदड़ी में भी गुरु कोई महान

यदि मिलें गुरु कोई महान तो बाबू बस बन जाएगा तेरा काम
और श्रम करो कठिन ध्यान में रखकर अपने पूर्वजों के नाम

आओ अब सब मिलकर बोलें "जय श्री राम जय श्री राम"

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.