Tuesday, 24 January 2012

चंद शेर

1.

उसको चेहरे का गुरुर सियासी मद से भी ज्यादा था
नामुराद आइने ने बताया वह अदना सा एक प्यादा था

2.

बेवाक परिंदा पिंजरे से एक पाक इरादे से निकला
उछलकर चूम आया वह चमकते चाँद का चेहरा

3.

फैसला-ए-इश्क वो क्या फरमाते हैं
जिनके घरों के बुत भी नकाब लगाते हैं


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