तुम तो मुझे जिंदगी की दुआ न दो
तुम हरजाई हो मुझे झूठी वफ़ा न दो
रिश्ते जोड़ना रिश्ते तोडना
तुम्हारे लिए खेल सतरंज सा है
प्यार तो ऐसा है की सिर्फ रंज सा है
उससे वफ़ा की बात पर "धरम"
अब तो हर सक्श तंग सा है
तुम हरजाई हो मुझे झूठी वफ़ा न दो
रिश्ते जोड़ना रिश्ते तोडना
तुम्हारे लिए खेल सतरंज सा है
प्यार तो ऐसा है की सिर्फ रंज सा है
उससे वफ़ा की बात पर "धरम"
अब तो हर सक्श तंग सा है
No comments:
Post a Comment
Note: only a member of this blog may post a comment.