Tuesday, 1 April 2014

चंद शेर

1.
तुम मुझे दर्द दो तो ज़िंदगी का एहसास हो जाए
हर वक़्त हर लम्हा अब मेरे लिए खास हो जाए

2.
यहाँ कोई नहीं जो मेरे दर्द-ए-दिल कि दवा करे
मैं जब भी गर्दिश में रहूँ वो मेरे लिए दुआ करे

3.
ये दर्द तो अपना है मगर ख्याल किसका है
जवाब तो मैं खुद हूँ मगर सवाल किसका है

4.
ग़र दिल न मचले तो धड़कने का सबब क्या है
मेरा साथ है तो फिर रूठने का मतलब क्या है



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