तुझसे कैसे कह दूँ खुद अपनी तन्हाई की बातें
डर है कहीं हो न जाए ये मेरी रुस्वाई की बातें
ज़माना अब भी मुझे देखता है गैरों की नज़र से
वफ़ा करता हूँ औ" हो जाती है बेवफाई की बातें
डर है कहीं हो न जाए ये मेरी रुस्वाई की बातें
ज़माना अब भी मुझे देखता है गैरों की नज़र से
वफ़ा करता हूँ औ" हो जाती है बेवफाई की बातें
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