1.
कि दो महज ज़िस्म "धरम" कब तलक एक साथ रह सकते हैं
दोनों के दरयमां कोई तीसरा न आ जाए तब तलक रह सकते हैं
2.
उसके वफ़ा की बात जब जफ़ा तक आ गई तो हमने किनारा कर लिया
जब ज़िंदगी की उम्मीद ही न बची 'धरम' तो ख़ुद को बेसहारा कर लिया
3.
उसकी नज़र में तुम कब न थे 'धरम' तेरी नज़र में वो कब न था
जब तक रिश्ते ने दम न तोड़ा था दोनों एक दूसरे के नज़र में था
4.
बात लगातार बिगड़ती रही फिर भी उम्मीद-ए-लुत्फ़ ज़िंदा रहा
अंतिम नतीजा यह हुआ 'धरम' कि मैं बिना पंख का परिंदा रहा
5.
तेरा हर अंदाज़ "धरम" ऐसा लगता है कि अंदाज़-ए-ज़माना है
मगर फिर भी क्यूँ ऐसा लगता है कि तेरा-मेरा कोई फ़साना है
6.
अपने क़त्ल पर "धरम" आपको रुस्वा नहीं होंगे ये मेरा आपसे वादा है
आप ये बताएं कि क़त्ल के अलावा क्या आपका कोई और भी इरादा है
कि दो महज ज़िस्म "धरम" कब तलक एक साथ रह सकते हैं
दोनों के दरयमां कोई तीसरा न आ जाए तब तलक रह सकते हैं
2.
उसके वफ़ा की बात जब जफ़ा तक आ गई तो हमने किनारा कर लिया
जब ज़िंदगी की उम्मीद ही न बची 'धरम' तो ख़ुद को बेसहारा कर लिया
3.
उसकी नज़र में तुम कब न थे 'धरम' तेरी नज़र में वो कब न था
जब तक रिश्ते ने दम न तोड़ा था दोनों एक दूसरे के नज़र में था
4.
बात लगातार बिगड़ती रही फिर भी उम्मीद-ए-लुत्फ़ ज़िंदा रहा
अंतिम नतीजा यह हुआ 'धरम' कि मैं बिना पंख का परिंदा रहा
5.
तेरा हर अंदाज़ "धरम" ऐसा लगता है कि अंदाज़-ए-ज़माना है
मगर फिर भी क्यूँ ऐसा लगता है कि तेरा-मेरा कोई फ़साना है
6.
अपने क़त्ल पर "धरम" आपको रुस्वा नहीं होंगे ये मेरा आपसे वादा है
आप ये बताएं कि क़त्ल के अलावा क्या आपका कोई और भी इरादा है
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