Monday, 1 April 2013

"अप्रैल फूल"

"अप्रैल फूल" का मजा ही अलग है .. अलग क्यूँ न हो इसमें पश्चिमी रंग जो है.. जी हाँ अपने देश में रहने वाले कुछ लोगों को अपनी सभ्यता और संस्कृति से घोर असंतुष्टि है.. उनका मानना है की विदेशी रंग ही असली रंग है बाकि अपना रंग तो फींका है..कुछ लोग तो "फूल" का मतलब "पुष्प" समझते हैं और "बिपरीत लिंग" वाले मित्र को पुष्प अर्पित करते हैं और फिर उस पुष्प को पुष्पांजलि भी दे देते है और कहते हैं की ये "अप्रैल फूल" था..

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.