वह कौन है जो मुझसे मेरा हिसाब मांगता है
मेरे ख्वाब में आकर मेरा ही ख्वाब मांगता है
मैं जब भी रूठता हूँ वो मुझे मनाता है
और रूठने का मुझसे मेरा अंदाज़ मांगता है
चांदनी रात ठंढी हवा झील का किनारा
वो कौन है जो मुझसे मेरा प्यार मांगता है
घर की दीवार दरख़्त की छाल और मानसपटल
वो कौन है जो मेरा नाम नाम-ए-यार मांगता है
चेहरे पर मासूमियत दिल में प्यार बांह पसारे
वो कौन है जो लिपटने को मुझसे बार-बार मांगता है
वो हुस्न की अंगड़ाई इश्क की गहराई "धरम"
भरे बाज़ार मुझसे सिपहसलार मांगता है
वो कौन है जो मुझसे मेरा प्यार मांगता है...
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