मारी फूँक
चले रिश्ते की जान पढ़ने
बिलख उठा मन
और लगा बिगड़ने
अपने ह्रदय का स्पंदन
कौन रिश्ता ! कैसा रिश्ता !
कितना गहरा ! कितना सुन्दर !
बनकर व्यापारी
लगे बस तौलने अपनी तुला पर
एक ओर तुला पर चढ़ बैठी
अपनी बुद्दि अपना विवेक
मगर
रिश्ता पकड़ में नहीं आ रहा है
तुला का दूसरा सिरा
अब भी झूल रहा बिना रिश्ते के
बढाकर हाथ जो चाहा पकड़ना रिश्ता
फिसल कर दूर जा गिरा वो अपना रिश्ता
चिमटे के सहारे जो पकड़ा रिश्ता
उभरकर दाग आया और बड़ा कराहा रिश्ता
जो रखा तुला पर तो बड़ा घबराया रिश्ता
और लगा बुदबुदाने डंडी तुला का
अरे मत तौल उसे वो तो रिश्ता है
जिससे हो जाये वही तो फरिश्ता है
जम गई है धूल रिश्ते पर
जो झाड़ा धूल तो
साथ में ही झड़ गया रिश्ते का वो अपनापन
कर रहा अफसोश क्यूँ किया ऐसा अकिंचन
रिश्ते को दिया था नाम यारी का
लगा था झूमने वह बिना खुमारी का
मगर फिर हुआ ऐसा क्यूँ
लगे तुम खोजने फिर से नाम रिश्ते का
जिस रिश्ते का नाम यारी है
उसमे भला कहाँ कोई बीमारी है
बेसबब न ढूँढ कोई और नाम इसका
ये यारी है और यही तो ईमानदारी है
चले रिश्ते की जान पढ़ने
बिलख उठा मन
और लगा बिगड़ने
अपने ह्रदय का स्पंदन
कौन रिश्ता ! कैसा रिश्ता !
कितना गहरा ! कितना सुन्दर !
बनकर व्यापारी
लगे बस तौलने अपनी तुला पर
एक ओर तुला पर चढ़ बैठी
अपनी बुद्दि अपना विवेक
मगर
रिश्ता पकड़ में नहीं आ रहा है
तुला का दूसरा सिरा
अब भी झूल रहा बिना रिश्ते के
बढाकर हाथ जो चाहा पकड़ना रिश्ता
फिसल कर दूर जा गिरा वो अपना रिश्ता
चिमटे के सहारे जो पकड़ा रिश्ता
उभरकर दाग आया और बड़ा कराहा रिश्ता
जो रखा तुला पर तो बड़ा घबराया रिश्ता
और लगा बुदबुदाने डंडी तुला का
अरे मत तौल उसे वो तो रिश्ता है
जिससे हो जाये वही तो फरिश्ता है
जम गई है धूल रिश्ते पर
जो झाड़ा धूल तो
साथ में ही झड़ गया रिश्ते का वो अपनापन
कर रहा अफसोश क्यूँ किया ऐसा अकिंचन
रिश्ते को दिया था नाम यारी का
लगा था झूमने वह बिना खुमारी का
मगर फिर हुआ ऐसा क्यूँ
लगे तुम खोजने फिर से नाम रिश्ते का
जिस रिश्ते का नाम यारी है
उसमे भला कहाँ कोई बीमारी है
बेसबब न ढूँढ कोई और नाम इसका
ये यारी है और यही तो ईमानदारी है
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