Monday, 4 November 2013

चंद शेर

1
तुम्हारे कितने यार हैं
हर जगह तुम्हारे ही अशआर हैं
हाँ बताओ तुम्हारे कितने यार हैं !

2
चराग मेरे इश्क़ का आधा जला हुआ आधा बुझा हुआ
मुझको थोड़ा उजाला कर गया थोड़ा अँधेरा कर गया

3
मत पूछ मेरे मेहबूब हाल-ए-दिल मुझसे
कहीं तेरी दास्ताँ ही न बयां हो जाए

4
लुट कर तेरे इश्क़ में मुझे चैन की नींद आई
वाह रे हरज़ाई वाह रे तेरी बेवफाई

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