जब भी मेरे सीने से लहू रिसता है
मेरा ज़ख्म बहुत खूब मुस्कुराता है
मेरा हरेक दर्द मेरे कान में बुदबुदाता है
और धमनियों में लवण का संचार होता है
मेरा ज़ख्म बहुत खूब मुस्कुराता है
मेरा हरेक दर्द मेरे कान में बुदबुदाता है
और धमनियों में लवण का संचार होता है
No comments:
Post a Comment
Note: only a member of this blog may post a comment.