दिल जल चुका है अब जिस्म जलना बाकी है
मेरे अरमानों का कुछ और मचलना बाकी है
वो पत्थर अभी पूरी तरह से गिरा नहीं है मुझपर
सर कुचला गया है अब जिस्म कुचलना बाकी है
मेरे आँख के लहू का दरिया है जो तेरे शहर तक फैला है
गैर तो इससे निकल चुके हैं तुम्हारा निकलना बाकी है
तेरी वो दरियादिली और मेरा ये ज़ख्म-ए-दिल "धरम"
महफ़िल कई बार सज चुकी है अब कब्र सजाना बाकी है
मेरे अरमानों का कुछ और मचलना बाकी है
वो पत्थर अभी पूरी तरह से गिरा नहीं है मुझपर
सर कुचला गया है अब जिस्म कुचलना बाकी है
मेरे आँख के लहू का दरिया है जो तेरे शहर तक फैला है
गैर तो इससे निकल चुके हैं तुम्हारा निकलना बाकी है
तेरी वो दरियादिली और मेरा ये ज़ख्म-ए-दिल "धरम"
महफ़िल कई बार सज चुकी है अब कब्र सजाना बाकी है
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