बांह पसारो मुझे अपने आगोश में ले लो
दो मुट्ठी लम्हा तुम मुझे मदहोश के दे दो
धड़कन को धड़कन से मिलकर जवाँ होने दो
मोहब्बत को यूँ हीं ख़ामोशी से बयाँ होने दो
किसे पता है जवानी की कब्र कब सज जाए
मगर अभी जो हो रहा है उसे यूँ हो जाने दो
इतने पत्थर अपने सीने में छुपाकर रखे हो
कुछ को तो अब पिघल कर निकल जाने दो
इतने जज़्बातों को तुम दफ़न कर के रखे हो
जो उसमे से कुछ निकले तो निकल जाने दो
बहती हवा की ऊँगली पकड़ो और संग हो चलो
अगर इससे छूटता है ये जहाँ तो छूट जाने दो
दो मुट्ठी लम्हा तुम मुझे मदहोश के दे दो
धड़कन को धड़कन से मिलकर जवाँ होने दो
मोहब्बत को यूँ हीं ख़ामोशी से बयाँ होने दो
किसे पता है जवानी की कब्र कब सज जाए
मगर अभी जो हो रहा है उसे यूँ हो जाने दो
इतने पत्थर अपने सीने में छुपाकर रखे हो
कुछ को तो अब पिघल कर निकल जाने दो
इतने जज़्बातों को तुम दफ़न कर के रखे हो
जो उसमे से कुछ निकले तो निकल जाने दो
बहती हवा की ऊँगली पकड़ो और संग हो चलो
अगर इससे छूटता है ये जहाँ तो छूट जाने दो
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