Tuesday, 2 May 2017

आधा दर्द पूरी ज़िंदगी

आओ
अपने-अपने जज़्बातों को
अब आधा-आधा बाँट लेते हैं
आधा तुम मुझमें जीना
आधा मैं तुझमें जीयूँगा

मैं अपनी संवेदनाओं को तुझमें देखूंगा
और तुम मुझमें देखना

आधे मेरे सपने तुम जीना
आधा तुम्हारा मैं जी लूंगा

फिर जीवन के चक्र में
बाकी का आधा तुम मुझको दे देना
और अपना पुराना आधा मुझसे ले लेना

यही क्रम मैं भी तुम्हारे लिए दुहराऊंगा
दोनों की पूरी ज़िंदगी मुकम्मल होगी
और इस तरह हम दोनों
एक दूसरे को पूरी तरह जी लेंगे

न मैं कभी अस्तित्व विहीन होऊँगा
औ" न तुम होगी

हाँ! मगर यह एक मिशाल होगा
आधा दर्द और पूरी ज़िंदगी का


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