1.
किस ख़्याल से दिल खुश होगा चेहरे पर निखार आएगा
अब पता नहीं 'धरम' कि कैसे मुझे खुद पर प्यार आएगा
2.
खुद से खुद ही रूठे "धरम" फिर खुद मना भी लिए
कि खुद ही अपना दिल बुझाये औ" जला भी लिए
3.
ऐ! ज़िंदगी अब जो हम इस दौर से निकलेंगे तो कहाँ जाएंगे
अब तू ही बता "धरम" कि ग़म के अलावा और क्या खाएंगे
4.
मेरी फ़ितरत में "धरम" कभी दूसरों का दिल दुखाना नहीं है
आपको तालीम हासिल है आप जाएंगे दिल दुखाकर जाएंगे
5.
'धरम' क्यूँ ये चीख सुनाई नहीं देती क्यूँ ये ज़ख्म दिखाई नहीं देता
क्यूँ कोई ख़्वाब सुनाया नहीं जाता क्यूँ कोई गीत गाया नहीं जाता
6.
संवेदनाओं को घूंट के सहारे हलक़ से नीचे उतारना पड़ता है
क्यूँकर हरेक एहसास के बाद 'धरम' मेरा गला सूख जाता है
किस ख़्याल से दिल खुश होगा चेहरे पर निखार आएगा
अब पता नहीं 'धरम' कि कैसे मुझे खुद पर प्यार आएगा
2.
खुद से खुद ही रूठे "धरम" फिर खुद मना भी लिए
कि खुद ही अपना दिल बुझाये औ" जला भी लिए
3.
ऐ! ज़िंदगी अब जो हम इस दौर से निकलेंगे तो कहाँ जाएंगे
अब तू ही बता "धरम" कि ग़म के अलावा और क्या खाएंगे
4.
मेरी फ़ितरत में "धरम" कभी दूसरों का दिल दुखाना नहीं है
आपको तालीम हासिल है आप जाएंगे दिल दुखाकर जाएंगे
5.
'धरम' क्यूँ ये चीख सुनाई नहीं देती क्यूँ ये ज़ख्म दिखाई नहीं देता
क्यूँ कोई ख़्वाब सुनाया नहीं जाता क्यूँ कोई गीत गाया नहीं जाता
6.
संवेदनाओं को घूंट के सहारे हलक़ से नीचे उतारना पड़ता है
क्यूँकर हरेक एहसास के बाद 'धरम' मेरा गला सूख जाता है